अमरकंटक – प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर यादव समाज द्वारा पहली बार पारंपरिक एवं भव्य स्वरूप में विशाल शोभायात्रा निकाली गई। राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी, ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और पारंपरिक नृत्य के बीच निकली शोभायात्रा से अमरकंटक का वातावरण देर तक कृष्णमय बना रहा। शोभायात्रा दोपहर करीब 1 बजे फलाहारी आश्रम से प्रारंभ हुई। यात्रा नर्मदा मंदिर से होते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरकर स्थानीय बस स्टैंड पहुंची। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में यादव समाज के महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल हुए। भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष और भक्ति गीतों से नगर की आध्यात्मिक फिजा में विशेष उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा में वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत राधा-कृष्ण की सजीव एवं मनमोहक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। सुसज्जित झांकी में राधा-कृष्ण स्वरूप कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य एवं भक्ति प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भगवान श्रीकृष्ण और राधा के स्वरूप में कलाकारों की पारंपरिक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को ब्रजधाम की भक्ति संस्कृति का साक्षात्कार कराया। ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के साथ यादव समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करते हुए शोभायात्रा में आगे बढ़ते रहे। डीजे एवं भक्ति गीतों की धुन पर युवाओं और समाज के अन्य लोगों में भी खासा उत्साह नजर आया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण की झांकी के दर्शन कर स्वागत किया। शोभायात्रा के उपरांत नगर परिषद अमरकंटक के विशाल सभा हाल में सभा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य झांकी के साथ निकली विशाल शोभायात्रा, भक्ति गीतों और पारंपरिक नृत्य से कृष्णमय हुआ नगर