सांप के काटने से युवक की उपचार दौरान मौत, सर्पप्रहरी ने बीमार कोबरा नांग का कराया उपचार

अनूपपुर- जहरीले सर्प के काटने से 18 वर्ष बालक की जिला चिकित्सालय में उपचार दौरान मृत्यु हो गई, वहीं जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर स्थित सोनमौहरी गांव में ग्रामीण के घर के पास बीमार हालत में मिले कोबरा नांग प्रजाति के सर्प का सर्पपहरियो ने पशु चिकित्सालय में उपचार करा कर जान बचाई। बिजुरी थाना अंतर्गत भाटाडांड गांव के वार्ड क्रमांक 4 क्योटानटोला निवासी मानसिंह पाव की 18 वर्षीय पुत्र रवि पाव जो अपने दादा को लेकर पड़ोस के गुल्लीडांड गांव में अपनी बुआ पुनिया पांव के यहां जाकर शाम एवं रात को खाना पीना खाने बाद कच्चे घर के अंदर जमीन में सोया रहा, रात 3 बजे के लगभग अचानक वह उठकर अपनी बुआ पुनिया को बताया कि मेरे गर्दन में कान के पास सर्प ने काट लिया है, जिसके बाद वह उल्टी करने के साथ बेहोश स्थिति में आ जाने पर परिजनों द्वारा मोटरसाइकिल से उसके गांव भाटाडांड ला कर कुछ लोगों से झाड़-फूंक कराने पर बालक ही हालत और खराब होने से बिजुरी अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक द्वारा उपचार किया गया, बालक की स्थिति की गंभीरता को देखते चिकित्सक द्वारा जिला चिकित्सालय अनूपपुर रेफर किए जाने पर अनूपपुर पहुंचने दौरान चिकित्सकों द्वारा उपचार करते हुए बालक की स्थिति गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर किया गया, किंतु परिजनों द्वारा अन्य परिजनों के इंतजार करने की बात कह कर जिला चिकित्सालय में ही उपचार कर रहे थे, इसी दौरान शाम को बालक की उपचार दौरान मृत्यु हो गई ड्यूटी डॉक्टर द्वारा जिला अस्पताल पुलिस को घटना की सूचना दिए जाने पर पुलिस के द्वारा परिजनों की उपस्थिति में मृत बालक के शव का पंचनामा कर पी,एम,करा कर बालक के शव का अंतिम संस्कार किए जाने हेतु देते हुए घटना की जानकारी बिजुरी थाना को अग्रिम कार्रवाई हेतु दी।

बीमार सांप का कराया उपचार

अनूपपुर से 7 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम सोनमौहरी के वार्ड क्रमांक 16 फुटहाटोला में एक अत्यंत जहरीला कोबरा नाग जाति के सर्प बीमार एवं अर्ध बेहोश स्थिति में दिखने पर उनके द्वारा फोन से सोनमौहरी बीट के सुरक्षा श्रमिक एवं सर्पप्रहरी राम सिंह गोंड को दिए जाने पर जिस राम सिंह तत्काल स्थल पर पहुंचकर सर्प को देखकर उसे अपने पास रखते हुए जिला मुख्यालय अनूपपुर की सर्पपहरी शशिधर अग्रवाल को अवगत कराया, सोनमौहरी में पदस्थ पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी रूप सिंह धुर्वे ने सर्प की स्थिति देखकर अपने वरिष्ठ चिकित्सक डॉ,योगेंद्र दीक्षित से परामर्श लेकर उपचार किया गया। सर्पप्रहरियों के प्रयास से एक सर्प की जान बच सकी।

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