तीन हाथियों ने रात में तोड़ा एक घर, बाल बाल बचा ग्रामीण का परिवार, दहशत है ग्रामीण, सतर्क रहने की अपील

अनूपपुर- विगत 57 दिनों से तीन हाथियों का समूह अनूपपुर जिले के अनूपपुर एवं जैतहरी इलाके में निरंतर विचरण करते दिन के समय जंगल में ठहरकर शाम रात होते ही जंगलों से निकल कर ग्रामीण जनों के घरों में तोड़फोड़ कर खेत एवं बांडियों में लगे विभिन्न तरह की फसलों को अपना आहार बना रहे है। हाथियों के निरंतर विचरण एवं नुकसान के कारण एक दर्जन से अधिक ग्राम के ग्रामीण भयभीत एवं परेशान हैं। हाथियों को जिले से बाहर किए जाने के वन विभाग एवं ग्रामीणों का निरंतर प्रयास विफल हो रहा है। रविवार एवं सोमवार की रात तीनों हाथियों का समूह अचानक एक गांव में पहुंचकर एक ग्रामीण के घर में तोड़फोड़ करने लगे जिससे ग्रामीण का परिवार किसी कदर घर से निकल कर भाग कर अपनी जान बचा सके। सोमवार की सुबह तीनों हाथी जैतहरी के धनगवां के जंगल में ठहरे हुए हैं। जैतहरी एवं अनूपपुर क्षेत्र के दर्जनों गांव में दिनों के समय जंगल में ठहर कर साम रात होते ही विचरण करते हुए ग्रामीणो के घरों में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया, हाथियों के हमले से दो बृद्धो की मौत हो गई, वही सैकड़ो ग्रामीणों के खेतों में लगी विभिन्न तरह की फसलों एवं अन्य संपत्तियों का नुकसान पहुंचाया है, विगत तीन दिनों से तीनों हाथी एक बार फिर एक साथ होकर जैतहरी के धनगवां बीट के जंगल में शनिवार एवं रविवार के दिन एवं रात बिताने बाद रविवार एवं सोमवार की मध्य रात्रि थाना तहसील एवं वन परिक्षेत्र जैतहरी अंतर्गत धनगवा बीट के जंगल बघमढिया एवं आमापानी में व्यतीत करने के बाद देर रात ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के वार्ड क्रमांक 1 बेल्हाटोला में कच्चे मकान में तीन बजे रात अचानक पहुंचकर घर की दीवार तोड़ते हुए घर के अंदर रखे सामान को खाने लगे, इस दौरान परिवार के दो पुरुष दो महिला एक-एक पुत्र पुत्री अचानक घर तोड़ते एवं हाथी के पहुंचने से बेहद डर एवं दहशत रहे, जो किसी कदर घर से निकल कर जंगल एवं गांव की ओर भाग कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर अपनी जान बचा सके। हाथी के आने की सूचना पर एकत्रित ग्रामीणों ने मशाल एवं हल्ला कर हाथियों को अपने इलाके से रात भर भगाते रहे, इस दौरान तीनों हाथियों ने सात ग्रामीणों के खेतों में लगी चना,मटरी,अलसी एवं अन्य तरह के फसलों को खा कर चल कर नुकसान पहुंचाते सोमवार की सुबह कुकुरगोंडा के बेल्हाटोला गांव से लगे धनगवां बीट के डोकरी पटौरा बघमडिया के जंगल में जाकर ठहर गए कई गांव की ग्रामीणों द्वारा हाथियों के गांव एवं मोहल्ला टोला में पहुंचने पर भगाए जाने का प्रयास निरंतर किया जा रहा है लेकिन तीनों हाथी अनूपपुर जिले को छोड़कर अन्य स्थान पर जाने को तैयार नहीं है।

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