उमरिया- जिले के आदिवासी विकास खंड पाली को झोला छाप चिकित्सकों ने अपने अवैध कमायी का जरिया बना रखा है। पूरे जनपद क्षेत्र में कतिपय चिकित्सकों ने डेरा जमा कर आदिवासियों का बेहद शोषण करते देखे जा रहे हैं। एक झोला लेकर पाली पहुंचे तथाकथित चिकित्सक आज अपनी हवेलियाँ तान कर लिये हैं, कोई भी मरीज उनके देहरी में आ गया, वह बीमारी से कम डाक्टर साहब के दांव में ज्यादा फंस जाता है। बताया जाता है कि साधारण बीमारी का मरीज भी गलत उपचार से गंभीर रोगो से ग्रसित हो कर ताउम्र बीमारी का दंश झेलते घूमता रहता है।एक बार मरीज इनके चक्कर में फंसा तो लाइलाज रोगी बन कर रह जाता है। पाली जनपद के ग्रामीण अंचल में यद्यपि पंचायत दर पंचायत झोला छाप डाक्टर पैर जमा बैठे है फिर भी पाली के पूर्व दिशा में घुनघुटी में एक यादव डाक्टर जमुडी ममान सडक पर अपनी दूकान दारी चलाते हुए अपना सिक्का जमाये बैठे है, वही दक्षिणी दिशा का भार सुन्दर दादर में मजूमदार अपनी जमी दारी बना के रखेे हुए हैं। यह झोला छाप डाक्टर अपने डाक्टरी पेशे से तो लूटने में कोई कसर नही छोडते पर बची – कुची कसर संगम मेडीकल स्टोर से पूरी कर देते हैं। बताया जाता है कि वही चिकित्सक और वही मेडीकल स्टोर का संचालक। अलबत्ता संगम मेडीकल स्टोर सुहाग मजूमदार के नाम पर लाइसेंस बना हुआ है, फिर भी डाक्टर मजूमदार मरीज और मेडीकल दोनों का संचालन करते देखें जा सकते हैं। पिछले दिनों मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में नकली सीरफ मामले में कई दर्जन लोग काल कलवित हो चुकें है जिले से लेकर राजधानी तक हलचल मचाने वाली यह हृदय विदारक घटना ने स्वास्थ्य अमले की चूल हिला कर रख दी हो परन्तु उमरिया जिले के प्रशासन बेअसरहीन साबित हो रहा है। कभी भी न तो इन झोला छाप डाक्टरों की जांच की जाती है और न इनके मनमानी पूर्वक काम पर रोक लगाना उचित समझा जाता है।
झोलाछाप डाक्टर मेडिकल स्टोर में भी हाथ कर रहे साफ : गाँव-गाँव में बनाया अड्डा