मप्र में बंदियों को पात्रतानुसार मिलेगी सजा में एक माह की छूट, मुख्यमंत्री ने जन्माष्टमी पर की बड़ी घोषणा

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर्व पर बंदियों को सौगात देते हुए पात्रतानुसार सजा में एक माह की छूट देने की घोषणा की है। उन्होंने महिला बंदियों के लिये भी खुली जेल के लिये भी आवश्यक प्रावधान करने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार देर शाम केन्द्रीय जेल भोपाल में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में बंदियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केन्द्रीय जेल में मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र भी शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केन्द्रीय जेल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गौमाताओं को गुड़-रोटी खिलाई। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण का रूप धारण किए बालकों को स्नेह किया। जन्माष्टमी महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित नाटिका प्रस्तुत की गई। जेल महानिदेशक वरुण कपूर ने जेल विभाग की गतिविधियों से अवगत कराया। कार्यक्रम में खेल मंत्री विश्वास सारंग, प्रमुख सचिव जेल मुकेश चंद्र गुप्ता उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेल विभाग में विभिन्न पदों पर की गई पदोन्नतियों सहित बंदियों के लिए जिलों में आवश्यक सुविधाएँ बढ़ाने, नए बैरकों के निर्माण, नए जेल कानून को लागू करने, बंदियों को विभिन्न शिल्पो का प्रशिक्षण देने, आयुष्मान कार्ड प्रदान करने, ध्यान और योग गतिविधियों के संचालन के क्षेत्र में किए गए प्रबंधों की जानकारी दी। उन्होंने कहा नए पदों के निर्माण और पदोन्नतियों से जेल विभाग के कार्य एड 8 के सुचारू रूप से संचालित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में खुली जेलों की संख्या बढ़ाई जाएगी। खुली जेल के आधार पर ही भविष्य की दृष्टि से अब तो अपनी महिला बंदियों के लिए भी खुली जेल का प्रबंध करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पुरूषों के लिए खुली जेल का प्रावधान है। महिलाओं के लिए भी जल्द से जल्द खुली जेल की व्यवस्था करने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेल विभाग के 6 अधिकारियों-कर्मचारियों को विभिन्न साहसिक कार्यों के लिए पुरस्कृत और सम्मानित भी किया। उन्होंने जेल के बंदियों द्वारा प्रदर्शित भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित लघु नाटिका की सराहना की।

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