अनूपपुर (पण्डित पुष्पेन्द्र उरमलिया)।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले की सबसे अमीर निकाय व वित्तीय अनियमितताओं के लिए आदिकाल से प्रसिद्ध विवादित नगरपालिका परिषद बिजुरी में हुए अंधाधुंध विकास की परतें अब उखाड़ना शुरू हो चुकी हैं। प्रदेश व्यू न्यूज़ पोर्टल को जानकारी देते हुए एक शिकायतकरता नागरिक ने बताया कि उसकी शिकायत पर नगरीय प्रशासन विभाग के शहडोल कार्यपालन यंत्री ने एक मामले की जाँच करते हुए नगरपालिका परिषद बिजुरी की वर्तमान परिषद द्वारा कराये गए एक निर्माण कार्य को गलत पाया है व मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO), लोक निर्माण उपयंत्री (Sub Engineer) और ठेकेदार पर रिकवरी के आदेश दिए हैं।
मोबाइल पर शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि नगरपालिका बिजुरी के वार्ड 12 में CLK स्कूल के पीछे वर्तमान परिषद में बनाई हुई सड़क का बिना स्थल निरीक्षण किये ही तत्कालीन एक बड़े इंजीनियर साहब ने तकनीकी स्वीकृति (T. S.) जारी किया था और भड़भड़ाकर नगरपालिका ने बिना कुछ विचार किये सड़क बनवाकर आनन-फ़ानन में ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया था जिसकी कई शिकायत के बाद जाँच प्रारम्भ हुई व सभी जिम्मेदारों को दोषी मानते हुए निर्माण को गलत बताकर रिकवरी निकाली गई है।
तत्काल भोपाल रवाना हुए CMO
बताया जाता है कि उक्त रिकवरी की सूचना आते ही CMO साहब उसी रात भोपाल रवाना हो लिए, ताकि विभागीय गुणा-भाग क़रके जाँचकर्ता अधिकारी पर दबाव बनाया जा सके या अन्य जाँच को प्रभावित कराया जा सके। अन्यथा एक के बाद एक जाँच हो सकती हैं जिससे पूरे खेल का पर्दाफाश हो सकता है। अब भोपाल में क्या हुआ होगा, ये साहब ही बताएँगे।
कानूनन, दर्ज हो एफआईआर
इस संगीन मामले और आर्थिक अनियमितता को देखकर स्पष्ट है कि दोषी व्यक्तियों के यदि निर्माण गलत हैं तो इन पर FIR भी दर्ज होना चाहिए। यदि शासकीय राशि के चौकीदार ही शासकीय राशि की होली खेलते हैं तो ये लोकधन के साथ भ्रष्टाचार और गंभीर जाँच के विषय होने के साथ न्यायिक अभियोजन का भी विषय है, जिसको लेकर शासन व पुलिस विभाग क्या करते हैं, ये प्रतीक्षा का विषय भी है, शायद देश में कहीं कानून जिन्दा हुआ तो दोषियों पर FIR भी दर्ज हो सकती है जिसके पूरे आसार हैं।